यादों की धूल Dust on Love Letter.

आज अलमारी साफ़ करने की सोची और फिर शुरू हो गया mission सफ़ाई|
एक एक करके सारी किताबे निकाली ,धूल तो बहुत जम गई थी सब में| फिर नाजाने किधर से एक पेज गिरा.., गौर से देखा तो कुछ लिखा था...पर वो लिखावट मेरी नही थी....
जब दो तीन बार फूक मारकर झाड़ा तब समझ में आया क्या लिखा हैं।
मेरे चहरे पर पढ़ने के बाद हलकी सी मुस्कान थी  । जैसे समय वापिस पंद्रह साल पहले लौट गया हो।वह letter उसका था, उसकी छोटी लिखाई को देख अभी भी उसकी बातें याद आती थी।
उसकी सभी बाते याद थी, पर वो कारण याद न रहा जिसके कारण हम अलग हुए थे|
सोचती हुँ क्या वोह भी ऐसे ही मेरी यादों से  धूल हटाता होगा।

PS:- Have You ever read any letter? Have you  wrote any letter...
अगर आपने किसी को पत्र लिखा है, तो आप जरुर जानते है उस एहसास को जो किसी कि खत को पढ़कर होता है।

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